अमेरिकी आईटी दिग्गज कंपनी Oracle ने भारत में बड़े पैमाने पर छंटनी की है। कंपनी ने लगभग 12,000 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है। प्रभावित कर्मचारियों के मुताबिक, कंपनी अगले एक महीने के अंदर छंटनी का एक और बड़ा दौर चलाने की योजना बना रही है। वैश्विक स्तर पर Oracle अब तक करीब 30,000 कर्मचारियों को निकाल चुकी है। कंपनी के पास भारत में कुल लगभग 30,000 कर्मचारी थे, जिसमें हालिया छंटनी वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। Oracle ने कर्मचारियों को ईमेल के जरिए सूचित किया कि संगठनात्मक बदलावों के कारण आपके पद को समाप्त किया जा रहा है। संचालन को अधिक कुशल बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
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छंटनी पैकेज में क्या है?
कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए निम्नलिखित मुआवजे की घोषणा की है:
- एक साल या उससे अधिक सेवा पूरे करने वाले कर्मचारियों को 15 दिन का वेतन
- समाप्ति तिथि तक एक महीने का वेतन (अनपेड)
- अवकाश नकदीकरण और ग्रेच्युटी
- एक महीने की नोटिस पीरियड का वेतन
- इसके अलावा, जो कर्मचारी स्वेच्छा से इस्तीफा देते हैं, उन्हें दो महीने का अतिरिक्त टॉप-अप वेतन दिया जाएगा।
अमेरिका में काम करने वाले ज्यादातर भारतीय कर्मचारियों पर भी असर
एक पूर्व कर्मचारी मेरुगु श्रीधर ने बताया कि उन्हें सितंबर में 16 घंटे की शिफ्ट का विरोध करने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया। उन्होंने कहा कि मैंने अपने दोस्तों और एचआर विभाग में काम करने वालों से बात की। उन्होंने बताया कि अमेरिका में काम करने वाले ज्यादातर भारतीय कर्मचारियों पर भी इसका असर पड़ा है, क्योंकि वहां की कानूनी व्यवस्था लोकल कर्मचारियों की छंटनी को लेकर बहुत सख्त है। Oracle ने इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। यह छंटनी आईटी सेक्टर में जारी वैश्विक लागत कटौती की मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है।
छंटनी इस साल लगातार जारी
आईटी कंपनियों में छंटनी इस साल लगातार जारी है। AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण कंपनियां वर्कफोर्स को रिस्ट्रक्चर कर रही हैं, इससे हजारों नौकरियां जा रही हैं। एक आंकड़े के मुताबिक, 2026 के पहले 3 महीनों (जनवरी-मार्च) में ग्लोबल टेक सेक्टर में 40,000 से 60,000 से ज्यादा नौकरियां जा चुकी हैं।